राइबोसोम क्या है | राइबोसोम की खोज किसने की | राइबोसोम के कार्य

राइबोसोम क्या है

राइबोसोम क्या है राइबोसोम क्या है | राइबोसोम की खोज किसने की | राइबोसोम के कार्य  न्यूक्लियोप्रोटीन से निर्मित कॉल आकृति के लगभग 150 से 250 A व्यास के कणिका मै सूक्ष्म कण जो कोशिका द्रव को स्वतंत्र रूप से या यार तथा केंद्र की कला पर पाए जाते हैं इसके अतिरिक्त माइट्रोकांड्रिया तथा हरित लवक के मैट्रिक्स में पाए जाते हैं।

सन 1943 में क्लाउडे ने कोशिका ग्रुप में ऐड करो को देखा और इन्हें माइक्रोसोम नाम दिया रोशन तथा ब्राउन में 1953 में इन्हें सेम के जड़ों की कोशिका में देखा जी – ई पेलेड ने जंतु कोशिका में इनकी खोज की और इन्हें राइबोसोम नाम दिया जिसके लिए इन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

राइबोसोम प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक दोनों प्रकार की कोशिका में पाए जाते हैं प्रोकैरियोटिक कोशिका में कोशिका द्रव में मुक्त तथा गतिशील अवस्था में पाए जाते हैं जबकि यूकैरियोटिक कोशिका में एक कला पर चिपके रहते हैं कोशिका गर्भ में पाए जाते हैं कोशिका तंत्रिका तथा कैंसर कोशिका में असंग राइबोसोम पाए जाते हैं

70s राइबोसोम क्या है

राइबोसोम क्या है | राइबोसोम की खोज किसने की | राइबोसोम के कार्य

राइबोसोम क्या है  इसका अवसादन गुणांक 70s होता है इसका आर्बिक भाग 2.7*10 की पावर 6 होता है 70s राइबोसोम की लंबाई 200 से 300 A तक होती है ए ब्रेक एरियोटिक कोशिका में माइक्रो कंडिया तथा हरित लवक में पाए जाते हैं इसकी ओके का a50s तथा छोटी इकाई 30s होती है प्रत्येक ऑफ इकाई राइबोसोम (RNA) तथा अनेक छारीय प्रोटीन से बनी होती है बड़ी इकाई में 23s तथा 5s (RNA) तथा ओ प्रकार की प्रोटीन होती है जबकि इकाई 16S तथा 21 प्रकार की प्रोटीन होती हैं।

80s राइबोसोम क्या है

राइबोसोम क्या है | राइबोसोम की खोज किसने की | राइबोसोम के कार्य

राइबोसोम क्या है परिमाप में बड़े होते हैं इनका अवसादन गुणांक 80s होता है इसका अबसादन भार 4.5 डाल्टन होता है इनकी लंबाई 300 से 350 A तथा इनकी चौड़ई 200 से 240 A तक होती है यह सभी यूकैरियोटिक कोशिका के कोशिका द्रव में तथा केंद्रक कला की सतह पर लगे होते हैं इसकी बड़ी ओपेक 60s होती है तथा इसकी छोटी इकाई 40s होती है बड़ी इकाई में 28s तथा 5s इस प्रकार की प्रोटीन होती है तथा यह 30 प्रकार की प्रोटीन पाई जाती है।

राइबोसोम की सरंचना

राइबोसोम क्या है राइबोसोम सूक्ष्म अनियमित केंद्र कणिका काला विधि कोशिका अंग है इसका व्यास 15 से 25 नैनोमीटर होता है प्रत्येक राइबोसोम में इकाई से मिलकर बनी होती है बारी ओपेक आई गुम्मत के आकार की होती है तथा छोटी इकाई टोपी के आकार की होती है छोटी इकाई भरी इकाई से मिलकर राइबोसोम का निर्माण करती है यह दोनों इकाइयां कोशिका के केंद्रक द्रव्य में मुक्त होती है केवल प्रोटीन संश्लेषण के समय ये जुड़कर संपूर्ण राइबोसोम का निर्माण करतीहै।

राइबोसोम का भोजन तथा पुनः संयोजन।

राइबोसोम का दोनों इकाइयों का संयोजन  m + 2 के शांतता पर निर्भर करता है mg आई नो किसान था 10 गुना होने पर दो राइबोसोम एक साथ संयुक्त होकर डायमंड का निर्माण करते हैं जबकि सांद्रता समान होने पर डायमंड टूट कर मन भर का निर्माण करती है

MG + 2 , 0.01cm से कम होने पर राइबोसोम अपनी तो अपने कार्यों में टूट जाता है तथा दोनों प्रकार के राइबोसोम की दोनों इकाइयों पुनः तथा प्रोटीन में टूट जाते हैं प्रोटीन संश्लेषण की क्रिया एमआरएनए की उपस्थिति के कारण अनेक राइबोसोम एकत्रित होकर पॉलिराइबोसोम का निर्माण करते हैं

रायबोसोम के कार्य

राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण का मुख्य केंद्र है यह कोशिका में प्रोटीन के संश्लेषण हेतु स्थान प्रदान करते हैं अतः इन्हें कोशिका के प्रोटीन फैक्ट्री भी कहते हैं।
राइबोसोम पॉलिपेप्टाइड के निर्माण के लिए आवश्यक एंजाइम तथा कार्य को का संश्लेषण करते हैं।
राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण की क्रिया में भाग लेने वाले पी आर एन ए तथा एमआरएनए को जोड़ने हेतु स्थान प्रदान करते हैं।
आरबीसी में राइबोसोम हीमोग्लोबिन प्रोटीन का निर्माण करता है।

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